जैसे ही राहुल ने पाइप को छुआ, सावित्री उसके पास आकर झुकी। उसके ब्लाउज से स्तन बाहर झांक रहे थे। ‘राहुल, ये तो बहुत गर्म हो गया है,’ सावित्री ने कहा, और अपना हाथ राहुल की कमर पर रख दिया। राहुल ने पलटकर उसे देखा, और बिना कुछ कहे उसके होंठों पर चूम लिया। सावित्री ने जवाब में अपना जीभ डाल दी उसके मुंह में, दोनों की सांसें तेज हो गईं।
राहुल ने सावित्री की साड़ी खींच ली, ब्लाउज खोल दिया। उसके बड़े-बड़े मम्मे बाहर आ गए, गुलाबी निप्पल्स सख्त हो चुके थे। राहुल ने एक मम्मे को मुंह में लिया, जोर-जोर से चूसा। सावित्री की चीख निकल गई, ‘आह्ह… राहुल, चूस ले भाई, चूस ले मेरी चूचियां।’ उसने राहुल का शर्ट उतार दिया, उसकी चेस्ट पर किस किया।
राहुल ने सावित्री को काउंटर पर बिठा दिया, उसकी पेटीकोट ऊपर चढ़ाया। चूत पर पैंटी थी, गीली हो चुकी थी। राहुल ने पैंटी फाड़ दी, और अपनी जीभ डाल दी सावित्री की चूत में। ‘ओह्ह… हां, चाट राहुल, मेरी चूत चाट।’ सावित्री के हाथ राहुल के बालों में उलझ गए, वो अपनी कमर हिला रही थी। राहुल ने चूत को चाटा, क्लिट को चूसा, और उंगली डालकर अंदर-बाहर किया। सावित्री का रस बहने लगा।
अब सावित्री ने राहुल की पैंट उतारी। उसका मोटा लंड बाहर आया, ८ इंच का, सख्त और रेडी। ‘वाह, क्या लंड है तेरा,’ सावित्री ने कहा, और मुंह में ले लिया। वो ब्लोजॉब दे रही थी, लंड को चूस रही थी, जीभ से चाट रही थी। राहुल की सिसकारियां आ रही थीं, ‘भाभी, तेरी मुंह की चुदाई कमाल है।’ सावित्री ने गले तक लंड लिया, सलाइवा से चिपचिपा कर दिया।
राहुल ने सावित्री को नीचे उतारा, डॉगी स्टाइल में खड़ा किया। अपनी गांड ऊपर कर सावित्री बोली, ‘चोद मुझे राहुल, अपनी भाभी की चूत फाड़ दे।’ राहुल ने लंड चूत पर रगड़ा, फिर एक झटके में अंदर डाल दिया। ‘आह्ह… मालिक, कितना मोटा है,’ सावित्री चीखी। राहुल ने जोर-जोर से ठोकना शुरू किया, चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं – पच-पच, चप-चप। सावित्री की चूत लंड को निचोड़ रही थी।
राहुल ने उसके बाल पकड़े, पीछे से पेला। सावित्री के मम्मे लटककर हिल रहे थे। ‘हां भाभी, तेरी चूत कितनी टाइट है, चोद रहा हूं तुझे।’ सावित्री जवाब में, ‘चोद और जोर से, फाड़ दे मेरी चूत।’ १० मिनट की मस्त चुदाई के बाद, राहुल ने सावित्री को उल्टा किया, मिशनरी में लेटाया। लंड फिर अंदर, अब आंखों में आंखें डालकर चोद रहा था। सावित्री के नाखून राहुल की पीठ पर लग गए।
‘आह्ह… आ रहा है, झड़ने वाला हूं,’ राहुल बोला। सावित्री ने कहा, ‘अंदर ही झाड़ दे, भर दे मेरी चूत स्पर्म से।’ राहुल ने आखिरी झटके मारे, और गरम वीर्य सावित्री की चूत में छोड़ दिया। सावित्री भी ऑर्गेज्म पर पहुंच गई, उसकी चूत सिकुड़ गई। दोनों पसीने से तर, सांसें फूल रही थीं।
सावित्री ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘राहुल, अगली बार फिर आना, और ज्यादा मजे करेंगे।’ राहुल ने किस किया, ‘हां भाभी, तेरी चुदाई भूलूंगा नहीं।’